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प्यार की परिभाषा .......

Posted On: 3 May, 2017 में

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अक्सर देखा गया है रिश्तो में प्यार के नाम पर हम एक-दूसरे पर खुद को थोपना चाहते हैं .यह गलत है .प्यार का नाम बंधन नहीं आज़ादी होता है .
प्यार होता है
रेल की पटरियों में
समांतर चलती हैं साथ-साथ
कभी अतिक्रमण नहीं करती
अपनी सीमाओं का
दोनों का बराबर महत्व होता है ….
प्यार होता है …….
सागर के दो किनारो में
असीम जल को सीमाओं में बांधता
जल को बहने की राह दिखाता
निरंतर साथ बहते ……
प्यार होता है ….
.धरती और आसमान में
जहाँ धरती ,वहां आसमान
एक पल की दुरी गवारा नहीं
रहना है साथ ,चलना है साथ
प्यार होता है
प्रकृति के कण कण में
फिर हम इंसान क्यों नहीं समझ पाते
प्यार होता है साथ में
प्यार होता है विश्वास में
प्यार देता है समानता
प्यार देता है आज़ादी
प्यार देता है …सिर्फ देता है …लेता नहीं …..

डॉ वंदना शर्मा

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